अदभुत होता है डिस्कवरी, हिस्ट्री और एनजीसी चैनलों को देखना…

स्पेस से एक आदमी का छलांग लगाकर जमीन पर सुपर सोनिक विमान की गति से पहुंचना…

अमेरिका में एक क्लब द्वारा दुनिया भर के अखाद्य जानवरों को पकाकर खाने की पार्टी करना…

गहरे समुद्र में आक्टोपस को आइना दिखाकर उसका रिएक्शन जानने के लिए एक गोताखोर का घंटो मशक्कत करना…

राजस्थान के एक मंदिर में चूहों को पूजा जाना और वहां बाइस हजार चूहों के साथ मनुष्यों-भक्तों का मिल-जुल कर दूध-लड्डू खाना-पीना-पूजना-रहना..

जोधपुर के किले से चीलों और गिद्धों को खिलाकर उन्हें संरक्षित करने की लंबी परंपरा का कायम रहना…

दुनिया के जंगलों पर राज करने वाले जानवर का खात्मे की तरफ पहुंचकर फिर संरक्षण के जरिए संख्या बढ़ाना….

हैदराबाद में जिंदा मछली खिलाकर लाखों लाख लोगों का दमा ठीक कर देने की प्रथा का निर्बाध जारी रहना…

अदभुत होता है डिस्कवरी, हिस्ट्री और एनजीसी चैनलों को देखना…

जैसे लगता है कभी कभी कि इन त्रिदेवों से मुझे हर रोज कुछ न कुछ उदात्तता, सबक, सीख, मंत्र, मोक्ष मिलता है…

शुक्रिया चैनलों.. इतने शानदार कार्यक्रम बनाने और दिखाने के लिए…

बाकी मामलों में हम भारतीय चाहे जैसे हों… प्रकृति और ब्रहमांड प्रेम के मामले में अदभुत रहे हैं…. अब भले ही पश्चिम की राह पर चलकर जल, जंगल, जमीन सब कुछ खोद, काट, बांट रहे हों…

मुझे लगता है कि भारत का असली सच जितना खुला दिखता है, उससे कहीं ज्यादा ढंका, छुपा, शांत और अचर्चित पड़ा है… ये ढंका, छुपा, शांत ही वह सत्य है, तत्व है जिसको तलाशना, पकड़ना, जानना है… और, किसी ने सही बताया कि असली चीजें, अच्छी चीजें प्रचार कम पाती हैं, क्योंकि उनके स्वभाव में अंतर्मुखता और संपूर्णता होती है…

दिव्य तब देख सकते हैं जब आप हलचलों की रुटीनी चादर के पार जा सकें। जब आप शोर मचाए तलछटों की घेराबंदी से खुद को मुक्त कर सकें।

जीवन संगीत तब फूटेगा जब आप बिलकुल रीते हों। जब मन का घड़ा बिल्कुल खाली हो। जब दिल पूरा प्यार के पुलक से लाल लाल हुआ पड़ा हो।

तब आप नए के लिए तैयार होते हैं।

तब आप खुद ब खुद गा उठते हैं।

द्वारा स्वामी भड़ासानंद यशवंत

संपर्क swamibhadasanand@gmail.com

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