प्रेम गीतों को आध्यात्मिक ढंग से महसूसना!

Tu es tarah se meri zindgi mei shaamil hai…

प्रेम गीतों को अगर आध्यात्मिक ढंग से कनसीव किया जाए, उदात्त तरीके से ग्रहण किया जाए, बड़े फलक पर समझा जाए तो अदभुत अर्थ प्रकट होते हैं…

जैसे इसी गीत को ले लीजिए.. तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है…. ये टीन एज का मेरा सबसे पसंदीदा गाना हुआ करता था… क्यों… ये नहीं पता.. पर हुआ करता था…

तब इस गाने को सुनते गाते हमेशा एक खूबसूरत परी-सी लड़की की कल्पनाएं करता था और गाने के संपूर्ण अर्थ संदेश भाव को उसके इर्द-गिर्द रखकर महसूस करता था..

अब इसी गाने को ब्रह्मांड, प्रकृति, यूनीवर्स, परमात्मा (जो भी नाम दे लें उस सूंपर्ण का) के संदर्भ में रखकर सोचता हूं तो लगता है कि एक-एक लाइनें सच हैं..

हमारे आसपास, हमारे जीवन में, हमारी सोच में, हमारे सपने में, हमारे सुर लय ताल सुख दुख जीवन मरण प्रेम घृणा… सबमें वही है.

फार्मेट अलग-अलग लिए हुए.

कोलाज अलग-अलग बनाए हुए.

शेड्स अलग-अलग दिखाते हुए.

आप भी जरा गौर से सुनिए…

तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहां भी जाऊं ये लगता है तेरी महफिल है
ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
हर एक चीज है अपनी जगह ठिकाने से
कई दिनों से शिकायत नहीं जमाने से
ये ज़िंदगी है सफर, तू सफर की मंजिल है…

12 February 2014 को फेसबुक पर प्रकाशित

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *