सोचने-दिमाग लड़ाने का काम लगभग बंद, जाहे विधि राखे प्रभु ताहे विधि रहिए…

ऐ भाई लोगों, कल हम पूरे 44 के हो जाएंगे. इलाहाबाद में हायर एजुकेशन की पढ़ाई…

तेरी कारीगरी पर फ़िदा हूं दोस्त…

उपरोक्त तस्वीर को फेसबुक पर ”आजकल मेरी हालत ऐसी है” शीर्षक से डाला तो तरह तरह…

हमारा शरीर असीम संभावनाओं का भंडार है, इसको साधने का गुण सीखना चाहिए

शराब बंद किया तो शरीर भोजन के नशे की गिरफ्त में आ गया! भोजन भी एक…

जीवन की जो परिभाषा हमने गढ़ रखी है, वह काफी संकुचित और स्थानीय है

भड़ासानंद का विकास, ब्रह्मांड और अध्यात्म चिंतन…. जरूरी नहीं कि जीवन वहीं हो जहां कार्बन हो……

जब आप सायास निष्प्रयोज्य जीवन जी रहे हों तो उन क्षणों में परमात्मा के सबसे करीब होते हैं

नोएडा के भड़ास आश्रम से बाबा भड़ासानंद यशवंत का प्रवचन आप भी झेलें… आजकल नोएडा सेक्टर…

भगवानों संतों महात्माओं मनीषियों को पढ़ने भर से आंतरिक यात्रा शुरू नहीं हो जाती…

मार्क्स को पढ़ने भर से कोई लेनिन या माओ नहीं बन जाता. क्रांति के जरिए व्यस्था…

केंचुल उतरने की प्रक्रिया का सुख दुःख महसूसना

कुछ नए बदलावों को महसूस कर रहा हूँ। खुद के भीतर। बाहर की दुनिया के प्रति…

कुछ लोगों को लगने लगा है कि मैं बाबा संन्यासी आध्यात्मिक होने लगा हूं…

कुछ लोगों को लगने लगा है कि मैं बाबा संन्यासी आध्यात्मिक होने लगा हूं… अरे भाइयों,…

अनोखा सफर – एक अमेरिकी स्वामी की आत्मकथा

भगवत पुराण के अनुसार जैसे किसी वृक्ष की जड़ में पानी देने से वह पूरे पौधे…