मेरे भीतर एक बच्चा है, वह बच्चा ही अब मेरा स्वामी है!

मेरे भीतर एक बच्चा है। वह निर्दोष है। निष्पाप है। खिलखिल है। सहज है। ऐसा अबोध है कि जैसे सारे बोध की मंजिल हो। वह बच्चा ही अब मेरा स्वामी है। उस बच्चे का नामकरण कर दिया है- भड़ासानंद!

हां, भड़ास की 12 साल की यात्रा के दौरान मुझे क्रमिक तौर पर बोध होता गया।

समझ इवोल्यूट होती गयी।

जीवन का उदात्त पक्ष अपग्रेड होता गया।

उस स्वामी भड़ासानंद को इस वर्चुवल स्पेस में एक कोना दे दिया है, प्रतिष्ठित कर दिया हूँ।

कुछ लोगों को हंसी आएगी। आप हंसें। आपके हंसने पर हम भी हंसने लगेंगे 😀

पर स्वामी भड़ासानन्द का अवतरण हो गया तो हो गया।

SwamiBhadasanand.com भी बन गया है।

ये एफबी पेज और ये वेबसाइट मेरा मन है। मेरा दिल है। मेरे अंदर का बच्चा है। मेरा स्प्रिचुअल रिफ्लेक्शन है।

लगे तो कभी कभी मेरे मन में झांक अइहो!

https://www.facebook.com/swamibhadasanand/
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