घरबार और हिंदी!

गुरूजी : बताओ ”घरबार” किसे कहते हैं, एक पति के जीवन में इसके महत्व की विवेचना कीजिये।

छात्र : गुरु जी घरबार का एक पति के जीवन में बड़ा महत्व है। घर में पत्नी द्वारा उत्पन्न किये गए तनाव से मुक्त होने हेतु पति घर से बार में चला जाता है और बार में ज्यादा चढ़ जाने पर बार से घर आ जाता है। घर और बार के इस चक्र को ही ”घरबार” कहते हैं।

गुरु जी छात्र का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भेज कर सुबह से बार में बैठे हैं।🥃🥃🥃

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हिन्दी दुनिया की सबसे प्रैक्टिकल भाषा है। अंग तक का नामकरण अंग की उपयोगिता पर निर्भर है।

छू लो तो चरण, अड़ा दो तो टाँग, कुल्हाड़ी मारनी हो तो पैर, बढ़ा दो तो क़दम, चिन्ह छोड़े तो पद, फूलने लगें तो पाँव, प्रभु के हों तो पाद, बाप की हो तो लात, घुंघरू बाँध दो तो पग, खा लो तो टंगड़ी…

इतनी यूसेज-फ्रेंडली भाषा आपने न देखी होगी। हिन्दी शाश्वत है… ☺️

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