मेरी बेचैनियां मेरी सम्वेदना-समझ को समृद्ध करती हैं।

कल एकमित्र का फोन आया। पूछे, क्या कुछ आप बेचैन, अस्थिर से हैं क्या? मैंने कुबूल…

बंजारों-सी हस्ती, मुझे न तू संभाल…

बंजारों-सी हस्ती, मुझे न तू संभाल प्रेम से भटकता हूँ, प्रेम में रुकता हूँ

क्या मनुष्यता त्याग कर ज्यादा बड़े कैनवस में शरीक होने का वक्त आ चुका है!

…मनुष्य से बड़ा कमीना, धूर्त, चालबाज, मक्कार, विध्वंसक, स्वार्थी और पाखंडी दूसरी कोई मुंह-हाथ-पैर-पेट वाली प्रजाति…

हमेशा प्रसन्न नहीं रहा जा सकता…

हमेशा प्रसन्न नहीं रहा जा सकता… हमेशा दुखी नहीं रहा जा सकता… हां, हमेशा निर्लिप्त रहा…

ना सोना साथ जाएगा ना चांदी जाएगी…

छोटा सा तू कितने बड़े अरमान हैं तेरे मिट्टी का तन सोने के घरबार हैं तेरे…

इस जगत को एक नाचते-हंसते-गाते हुए धर्म की जरूरत है : ओशो

…नाचने में कंजूसी मत करना। जी भर कर नाचो। ऐसे नाचो कि नाच ही रह जाए,…

नाथ योगी संप्रदाय के प्रवर्तक गुरु गोरखनाथ के बारे में ओशो क्या कहते हैं, जानिए

ओपिनियन पोस्ट मैग्जीन ने इस बार गुरु गोरखनाथ के बारे में ओशो के विचार को प्रकाशित…

मेरे भीतर एक बच्चा है, वह बच्चा ही अब मेरा स्वामी है!

मेरे भीतर एक बच्चा है। वह निर्दोष है। निष्पाप है। खिलखिल है। सहज है। ऐसा अबोध…

अदभुत होता है डिस्कवरी, हिस्ट्री और एनजीसी चैनलों को देखना…

स्पेस से एक आदमी का छलांग लगाकर जमीन पर सुपर सोनिक विमान की गति से पहुंचना…

जब आप सायास निष्प्रयोज्य जीवन जी रहे हों तो उन क्षणों में परमात्मा के सबसे करीब होते हैं

नोएडा के भड़ास आश्रम से बाबा भड़ासानंद यशवंत का प्रवचन आप भी झेलें… आजकल नोएडा सेक्टर…