जीवन की जो परिभाषा हमने गढ़ रखी है, वह काफी संकुचित और स्थानीय है!

ब्रह्मांड में ढेर सारी दुनियाएं पृथ्वी से बहुत बहुत बहुत पहले से है.. हम अभी एक…

तौल दिया संसार…

सतगुरू मेरा बाणिया,करता बणज व्यवहार.बिन डान्डी बिन पालड़ीतौल दिया संसार.

जीवन में पहली दफे चौबीस घंटे तक मौन व्रत का अनुभव

जीवन में पहली दफा आज आंख खुलने के बाद से मौन हूँ। इच्छा बहुत दिन से…

अनोखा सफर – एक अमेरिकी स्वामी की आत्मकथा

भगवत पुराण के अनुसार जैसे किसी वृक्ष की जड़ में पानी देने से वह पूरे पौधे…