सड़क छाप जीवन में चिरकुट राग!

Yashwant Singh : कल की रात. सड़क छाप. चिरकुट राग.

आनंदित होना होगा तो नरक में भी सुकून मिल जाएगा

एक बुजुर्ग महिला रात भर चिल्लाती रहीं। मैं रात भर बुद्ध बना रहा। कब आंख खुल…

एक ब्रम्हांड समेटे देह-मन रूपी इस नैनो डिवाइस को एकूरेट फ्रीक्वेंसी पर सेट करने में सफल हो गए तो…

जब जीवन निरुद्देश्य हो जाए तो सबसे ज्यादा आनन्द बिना सोचे समझे चलते जाने में है।…

वजह कोई नहीं जीने की… बस जिए जा रहा हूं!

मेरे पास बाहरी दुनिया में व्यस्त रहने के लिए दशक भर से कोई ठोस कारण शेष…

कुछ लोगों को लगने लगा है कि मैं बाबा संन्यासी आध्यात्मिक होने लगा हूं…

कुछ लोगों को लगने लगा है कि मैं बाबा संन्यासी आध्यात्मिक होने लगा हूं… अरे भाइयों,…